
महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर देश के शीर्ष नेता एकजुट होकर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं। आर्य समाज के संस्थापक के रूप में उनके योगदान को याद करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनके आध्यात्मिक और शैक्षिक संस्थानों की देश के लिए सदा उपयोगिता पर बल दिया।
एक्स पर राष्ट्रपति ने लिखा कि दयानंद सरस्वती ने प्राचीन भारतीय संस्कृति के तार्किक रूप को बढ़ावा देकर समाज और शिक्षा को दिशा प्रदान की। उनके मार्ग पर चलकर भारत को विश्व में अग्रणी बनाने का संकल्प लें, यही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने आर्य समाज स्थापना, सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन, स्त्री शिक्षा और सत्यार्थ प्रकाश के माध्यम से वैदिक मूल्यों के प्रचार को रेखांकित किया। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनके जीवन को समाज उत्थान और राष्ट्र जागरण का प्रतीक बताया।
हरियाणा के नायब सिंह सैनी ने समानता व प्रगतिशील विचारों पर उनके अमूल्य कार्य को प्रेरणादायी कहा। असम के हिमंत बिस्वा सरमा ने औपनिवेशिक काल में उनके वैचारिक आंदोलन की सराहना की। यह सामूहिक स्मरण दयानंद सरस्वती के विचारों की प्रासंगिकता को दर्शाता है, जो आज भी समाज को दिशा दे रहे हैं।