
प्रयागराज के माघ मेला स्थल पर 24 घंटे के अंदर दूसरी बार भीषण आग लग गई। यह घटना कल रात को घटी जब ट्रिवेणी संगम के पास तंबुओं और अस्थायी झोपड़ियों में आग की लपटें भड़क उठीं। लाखों श्रद्धालुओं के बीच यह हादसा दहशत फैला गया।
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह है कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन कई तंबू जलकर खाक हो गए।
जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग विद्युत शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। ‘भीड़ बढ़ने से बिजली के तारों पर लोड ज्यादा हो गया था, जिससे चिंगारी निकली और आग फैल गई।’ उन्होंने अस्थायी वायरिंग की खराब गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।
पहली आग कल दोपहर स्नान घाट के पास लगी थी, जिसमें व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ। इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने अब सभी बिजली कनेक्शन की जांच के आदेश दिए हैं।
माघ मेला के दौरान मकर संक्रांति जैसे प्रमुख स्नान पर्व नजदीक हैं। लाखों भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फायर स्टेशन बढ़ाए गए हैं। ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी तेज हो गई है।
श्रद्धालु भले ही आस्था में डटे हैं, लेकिन प्रशासन अलर्ट मोड में है। भविष्य के लिए फ्लेमप्रूफ सामग्री अनिवार्य करने की योजना है। यह हादसे मेला प्रबंधन के लिए सबक हैं।
