
बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से अहम मुलाकात की। यह बैठक एक छात्रा की रहस्यमयी मौत के मामले में हुई, जिसने पूरे राज्य में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
हाल ही में हुई इस घटना ने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और छात्र संगठनों का दावा है कि युवती की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई, जिसमें पुलिस की लापरवाही का हाथ हो सकता है। सोशल मीडिया पर वीडियो और आंखों देखी घटनाओं के आधार पर न्याय की मांग तेज हो गई है।
प्रशांत किशोर, जो अपनी राजनीतिक रणनीतियों और युवा मुद्दों पर मुखरता के लिए जाने जाते हैं, ने खुद इस मामले को संभाला। जन सुराज नेताओं के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इसमें स्वतंत्र जांच, दोषी अधिकारियों का निलंबन और पीड़ित परिवार को मुआवजा शामिल था। ‘यह केवल एक जिंदगी का सवाल नहीं, बिहार के हर छात्र की सुरक्षा का मुद्दा है,’ किशोर ने बैठक के बाद कहा।
एसएसपी ने पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया और 48 घंटे में अपडेट देने का वादा किया। यह घटना उस समय घटी जब बिहार चुनावों की तैयारी में जुटा है। छात्र आंदोलन जनभावना को प्रभावित कर सकते हैं। जन सुराज का यह कदम पार्टी को आम मुद्दों पर मजबूत बनाता दिख रहा है।
छात्र संगठनों ने न्याय में देरी पर statewide हड़ताल की चेतावनी दी है। जांच जारी है और पटना पुलिस पर पारदर्शिता का दबाव है। मामला बिहार में छात्र सुरक्षा व पुलिस जवाबदेही की गहरी समस्याओं को उजागर करता है। किशोर जैसे नेता इसे मुखरता से उठा रहे हैं। जल्द ही पता चलेगा कि यह मुलाकात ठोस कार्रवाई का आधार बनेगी या नहीं।