
पुणे, 11 मार्च। प्रमुख राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने एकसमान नागरिक संहिता (यूसीसी) के पूरे देश में लागू करने का पुरजोर समर्थन किया है। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूसीसी जरूरी है, लेकिन इसे आधा-अधूरा नहीं बनाना चाहिए।
उत्तराखंड मॉडल पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदायों को इससे बाहर रखना गलत है। अगर सरकार गंभीर है तो एक झटके में संपूर्ण भारत में इसे लागू कर दे। राज्यवार रोलआउट से कोई लाभ नहीं होगा।
मुस्लिम समुदाय में विरोध की अफवाहों को खारिज करते हुए पूनावाला ने स्पष्ट किया, ‘हमें कोई आपत्ति नहीं। बेझिझक लागू करें।’ गोवा के उस कानून का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वहां हिंदू पुरुष को 30 साल तक बेटा न होने पर दूसरी शादी का अधिकार है, जिसे मुख्यमंत्री ने उचित ठहराया।
ऐसी विसंगतियों पर सरकार स्पष्टवादी बने। पूनावाला ने मांग की कि यूसीसी सभी भारतीयों को समेटे, न कि उत्तराखंड जैसी व्यवस्था जहां निजी रिश्तों पर निगरानी हो। तभी सच्ची समानता आएगी।