
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोंगल को वैश्विक पर्व घोषित करते हुए तमिल संस्कृति को समस्त मानवता की साझा विरासत करार दिया है। 15 जनवरी को थाई पोंगल के अवसर पर दिए गए इस संदेश ने तमिलनाडु की समृद्ध परंपराओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।
पोंगल तमिलों का प्रमुख फसल उत्सव है, जिसमें भोगी, थाई पोंगल, मत्तू पोंगल और कनूम पोंगल के चार दिन मनाए जाते हैं। चावल, गुड़ और दूध से बनी विशेष पोंगल की पकवान बनाई जाती है, जो समृद्धि का प्रतीक है। सूर्य देव, पशुओं और किसानों को सम्मानित किया जाता है।
पीएम मोदी ने कहा, ‘पोंगल अब वैश्विक पर्व बन चुका है। तमिल संस्कृति समूची मानवता की साझा विरासत है।’ यह बयान तब आया जब अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में प्रवासी तमिल समुदाय जोर-शोर से उत्सव मना रहे थे।
इस मान्यता से तमिल गौरव बढ़ा है और विश्व पटल पर पोंगल की चमक उभरी है। जल्लिकट्टू, कोलम डिजाइन और पारंपरिक व्यंजनों के साथ यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है। पीएम के शुभकामना संदेश ने समृद्धि और एकता की कामना की, जो सांस्कृतिक संरक्षण के संकल्प को मजबूत बनाता है।