
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 130वें संस्करण में राष्ट्र को संबोधित किया। गणतंत्र दिवस से लेकर स्टार्टअप क्रांति, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण तक विभिन्न विषयों पर उन्होंने प्रेरणादायक बातें साझा कीं। आइए जानते हैं कार्यक्रम की मुख्य बातें।
कार्यक्रम की शुरुआत गणतंत्र दिवस के उल्लेख से हुई। पीएम ने कहा कि 26 जनवरी संविधान लागू होने का ऐतिहासिक दिन है, जो हमें संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने का मौका देता है।
2016 में शुरू हुए स्टार्टअप इंडिया को 10 वर्ष पूरे होने पर पीएम ने युवाओं के नवाचारों की सराहना की। भारत अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप केंद्र बन रहा है, जिसमें एआई, अंतरिक्ष और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है।
विकसित होती अर्थव्यवस्था में गुणवत्ता पर बल देते हुए मोदी ने कहा कि भारतीय उत्पादों की पहचान उत्कृष्टता होनी चाहिए। सभी को गुणवत्ता सुधार का संकल्प लेना होगा।
जन भागीदारी के उदाहरण पेश करते हुए यूपी के आजमगढ़ में तमसा नदी के पुनरुद्धार और आंध्र के अनंतपुर में अनंत नीरूं परियोजना के जरिए जल संरक्षण की कहानी सुनाई, जिसमें 10 से अधिक जलाशयों को नया जीवन मिला।
जेन जेड के बीच ‘भजन क्लबिंग’ की लोकप्रियता पर पीएम ने प्रसन्नता जताई, जहां युवा भक्ति संगीत को कंसर्ट स्टाइल में मना रहे हैं।
देश के त्योहार विश्व स्तर पर उत्साह से मनाए जा रहे हैं। मलेशिया में 500 से अधिक तमिल स्कूल भाषा और संस्कृति को संरक्षित कर रहे हैं।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर मतदाता को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए 18 वर्ष की आयु में वोटर बनना एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया और उत्सव मनाने का आह्वान किया।
मिलेट्स के प्रति उत्साह बरकरार है। 2023 के बाद भी मंदिर प्रसाद में मिलेट का उपयोग किसानों की आय और स्वास्थ्य को बढ़ावा दे रहा है।
युवाओं की स्वच्छता मुहिमों का जिक्र करते हुए अरुणाचल के ईटानगर में 11 लाख किलो कचरा साफ करने, बेंगलुरु और चेन्नई के प्रयासों की तारीफ की।
पर्यावरण के लिए प. बंगाल के कूचबिहार के बैनोई दास द्वारा हजारों पेड़ लगाने का उदाहरण दिया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ से 200 करोड़ पेड़ लग चुके हैं।