
नई दिल्ली में ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे एपिसोड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के दो भाइयों अवि व जय के बीच भावुक मुलाकात का गवाह बनाया। नाम सुनते ही पीएम का चेहरा खिल उठा और उन्होंने जय को गले लगा लिया। यह पहली मुलाकात नहीं थी, बल्कि 2022 की यादें ताजा कर देने वाला पल था।
मोदी जी ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘अवि-जय, तुम कितने बड़े हो गए हो। बाकी बच्चों को बताओ कि हमारा परिचय कैसे हुआ।’ अन्य छात्रों से पूछा कि क्या इनमें हिम्मत आ गई, तो सबने हामी भरी।
इसके बाद गुजरात के छात्रों, खासकर आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के साथ शिक्षा, परीक्षा तनाव, करियर विकल्पों और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी भूमिका पर गहन बातचीत हुई। स्थानीय भाषा में स्वागत और पारंपरिक जैकेट भेंट ने माहौल को और सरस बनाया। एक छात्रा ने कहा, ‘सर, आपसे मिलना सम्मान की बात है।’
आदिवासी विकास की प्रेरणा पर सवाल के जवाब में पीएम ने पाल-चितरिया की घटनाओं और भयंकर अकाल के अपने अनुभव साझा किए। ‘उस संघर्ष ने शिक्षा के महत्व को समझाया। मुख्यमंत्री बनते ही उमरगांव से अंबाजी तक साइंस स्कूलों की कमी दूर की। अब कई संस्थान छात्रों को नई ऊंचाइयां दे रहे हैं।’
शिक्षा को विकास की कुंजी बताते हुए पीएम ने मजबूत बुनियादी ढांचे पर जोर दिया। यह सत्र छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत साबित हुआ, जो राष्ट्र निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाने को उत्साहित दिखे।