
नई दिल्ली: ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के दस सफल वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ सीधी बातचीत करेंगे। यह आयोजन सरकारी समर्थन और उद्यमिता की उड़ान को रेखांकित करता है।
16 जनवरी 2016 को शुरू हुई इस योजना ने 1.2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता दी है। 117 यूनिकॉर्न बने, करोड़ों नौकरियां सृजित हुईं। डीपीआईआईटी पंजीकरण, फंड ऑफ फंड्स और कर छूट ने इसे वैश्विक पटल पर तीसरा स्थान दिलाया।
पीएम की बातचीत में फिनटेक, हेल्थटेक, एग्रीटेक के संस्थापक हिस्सा लेंगे। चुनौतियां जैसे फंडिंग और नियमन पर चर्चा होगी। यह संवाद नई नीतियों का आधार बनेगा।
भारत अब स्टार्टअप हब बनने की राह पर है। ₹10,000 करोड़ का फंड और वैश्विक साझेदारियां मजबूती देंगी। पीएम मोदी का जोर ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर है, जो स्टार्टअप्स से ही संभव है।
आगामी दशक में 1 लाख स्टार्टअप्स सालाना लक्ष्य के साथ, यह मील का पत्थर भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था की ओर ले जाएगा। उद्यमियों के सपनों को पंख लगाने का यह संकल्प अटल है।
