
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ धाम की अमर विरासत को जन-जन की चेतना को जागृत करने वाली शक्ति बताया है। एक समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस पावन स्थल का इतिहास देशवासियों में देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की भावना भर रहा है।
गुजरात के तट पर स्थित सोमनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो सहस्राब्दियों की विपत्तियों के बावजूद अटल रहने का प्रतीक है। पीएम मोदी ने इसके विध्वंस और पुनर्निर्माण की घटनाओं का जिक्र करते हुए राष्ट्र की दृढ़ता पर जोर दिया।
‘सोमनाथ का प्रत्येक पाषाण हमारे पूर्वजों के पराक्रम की कहानी कहता है,’ उन्होंने कहा। युवाओं से इसकी सीख लेने का आह्वान किया। मंदिर सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक पुनरुत्थान का केंद्र बन रहा है।
स्वतंत्र भारत में 1951 का पुनर्निर्माण सरदार पटेल के नेतृत्व में राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना। आज लाखों यात्री यहां आकर प्राचीन वास्तुकला और समुद्र की विशालता का अनुभव करते हैं।
पीएम मोदी के उद्गार देश की प्रगति के साथ सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने वाले हैं। सोमनाथ की विरासत राष्ट्र निर्माण में प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।