
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर एक विशेष वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने इसे हमारी आध्यात्मिक परंपरा का सशक्त प्रतीक बताया। यह वीडियो देशवासियों के हृदय को छू गया है और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।
वीडियो में सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास को जीवंत किया गया है। प्राचीन काल की महिमा से लेकर विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा ध्वंस और स्वतंत्र भारत में पुनर्निर्माण तक की पूरी कहानी भावुक अंदाज में बयां की गई है। गुजरात के वेरावल तट पर स्थित यह ज्योतिर्लिंग बार-बार उठ खड़ा हुआ, जो राष्ट्र की अटल भावना का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ हमारी सनातन परंपराओं का मजबूत आधार है। सरदार पटेल के नेतृत्व में 1951 में हुआ इसका पुनर्निर्माण स्वाभिमान की मिसाल है। वर्तमान में मंदिर परिसर का विस्तार, तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं और विरासत गलियारा विकसित हो रहे हैं।
यह पर्व केवल स्मृति नहीं, बल्कि भविष्य की प्रेरणा है। सोशल मीडिया पर वीडियो को लाखों व्यूज मिल चुके हैं। युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का यह प्रयास सराहनीय है। सोमनाथ का संदेश स्पष्ट है- विपत्तियों पर विजय ही हमारा स्वाभिमान है।