
नई दिल्ली। सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर कई भावुक पोस्ट साझा कर नेताजी के जीवन से मिली प्रेरणा का जिक्र किया। उन्होंने व्यक्तिगत अनुभवों के साथ-साथ सरकार की ओर से नेताजी के सम्मान में उठाए गए कदमों का विस्तार से वर्णन किया।
मोदी ने 23 जनवरी 2009 को गुजरात में शुरू हुई ई-ग्राम विश्वग्राम योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि हरिपुरा से प्रारंभ यह योजना आईटी क्षेत्र में क्रांति लाई। नेताजी के जीवन का महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले हरिपुरा में लोगों का जोरदार स्वागत और उसी सड़क पर जुलूस की यादें अविस्मरणीय हैं।
2012 में अहमदाबाद में आजाद हिंद फौज दिवस के विशाल आयोजन का जिक्र करते हुए उन्होंने पूर्व स्पीकर पीए संगमा जैसे नेताजी प्रेमियों की मौजूदगी का उल्लेख किया। बिना नाम लिए पूर्व शासकों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने नेताजी को भुलाने की कोशिश की, जबकि हमने उनकी फाइलें खोलकर आदर्शों को जीवंत किया।
2018 को ऐतिहासिक बताते हुए लाल किले पर आजाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर तिरंगा फहराने और आईएनए वेटरन ललती राम से भेंट की बात कही। अंडमान के श्रीविजयपुरम में नेताजी द्वारा तिरंगा फहराए जाने की 75वीं बरसी पर समारोह और द्वीपों का नाम परिवर्तन, जिसमें रॉस द्वीप को नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप नाम मिला।
लाल किले के क्रांति मंदिर में नेताजी की टोपी समेत आईएनए की धरोहर सुरक्षित है। 2021 में कोलकाता के नेताजी भवन दर्शन और पराक्रम दिवस घोषणा, साथ ही इंडिया गेट पर उनकी भव्य प्रतिमा लगाने का निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।