
गुजरात के सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी भरा स्वागत हुआ। हजारों भक्तों और स्थानीय लोगों ने उत्साह से उनका अभिवादन किया। यह दृश्य देश भर में छा गया, जहां आध्यात्मिकता और नेतृत्व का संगम देखने को मिला।
अरब सागर तट पर स्थित यह प्राचीन ज्योतिर्लिंग मंदिर भारतीय सभ्यता के अदम्य साहस का प्रतीक है। पीएम मोदी ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ हमारी सांस्कृतिक धरोहर की हिम्मत को दर्शाता है। सदियों की लूटपाट के बावजूद यहां बार-बार पुनर्निर्माण हुआ, जो राष्ट्र की मजबूती को उजागर करता है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मोदी ने मंदिर में पूजन-अर्चना की और पुजारियों से चर्चा की। गुजरात सरकार के प्रयासों से मंदिर परिसर में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं, जिसमें पर्यटक सुविधाएं और संग्रहालय शामिल हैं।
यह यात्रा मोदी जी के गृहराज्य से उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित करती है। सोमनाथ अब न केवल धार्मिक केंद्र है, बल्कि पर्यटन का प्रमुख स्थल भी बन चुका है। पीएम के शब्दों ने युवाओं में सांस्कृतिक जागरण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में पारंपरिक भजन और नृत्य प्रस्तुतियां हुईं। यह घटना विकसित भारत के सपने को मजबूत करती है, जहां अतीत की शक्ति भविष्य को प्रेरित करे। सोमनाथ की गाथा हमारी एकता की कहानी है।