
रविवार को ‘मन की बात’ के 130वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में युवाओं द्वारा चलाई जा रही स्वच्छता पहलों की जोरदार सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमेशा से हमारे जीवन और योजनाओं का अभिन्न अंग रही है। युवा वर्ग अपने क्षेत्रों को स्वच्छ बनाने के लिए जिस जज्बे से जुटा है, वह गर्व का विषय है।
अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर का जिक्र करते हुए पीएम ने बताया कि सूर्योदय की पहली किरणें यहां पड़ती हैं और लोग ‘जय हिंद’ से अभिवादन करते हैं। वहां युवाओं ने उपेक्षित स्थानों की सफाई शुरू की, जो नाहरलागुन, दोईमुख, सेप्पा, पालिन और पासीघाट तक फैल गई। इन प्रयासों से 11 लाख किलोग्राम कचरा हटाया गया है।
असम के नागांव में पुरानी गलियों से लगाव रखने वाले लोगों ने सफाई का संकल्प लिया। धीरे-धीरे समुदाय जुड़ा और इलाके से भारी मात्रा में कूड़ा साफ किया गया, जिससे स्वच्छता की चेतना जागृत हुई।
बेंगलुरु में सोफा वेस्ट की समस्या से निपटने के लिए पेशेवरों ने रीसाइक्लिंग शुरू की। चेन्नई समेत अन्य शहरों में भी लैंडफिल वेस्ट प्रबंधन के प्रयास जोर पकड़ रहे हैं।
पीएम ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता सरकारी दायित्व मात्र नहीं, प्रत्येक नागरिक को इसमें भाग लेना होगा। गलियों, सार्वजनिक स्थानों की सफाई या कचरा पुनर्चक्रण जैसे छोटे कदम मिलकर देश को स्वच्छ बनाएंगे। स्वच्छ भारत का सपना तभी साकार होगा जब सबका योगदान हो।