
नई दिल्ली के करियप्पा ग्राउंड में एनसीसी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय युवाओं की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में इनकी मांग इसलिए बढ़ रही है क्योंकि इनके पास बेहतरीन स्किल्स के साथ-साथ मजबूत संस्कार भी हैं।
मोदी ने लाल किले वाले अपने भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि आज का समय हमारे युवाओं के लिए स्वर्णिम अवसरों का दौर है। सरकार का पूरा जोर इसी को साकार करने पर है। कल ही भारत-यूरोप फ्री ट्रेड समझौते से इसका प्रमाण मिला।
भारतीय युवा लोकतांत्रिक मूल्यों से परिपूर्ण हैं। विविधता का सम्मान करना, दुनिया को परिवार मानना—ये संस्कार उन्हें कहीं भी सफल बनाते हैं। वे हर समाज में घुलमिल जाते हैं, दिल जीतते हैं और उस विकास में योगदान देते हैं।
विश्व नेताओं से बातचीत के आधार पर मोदी ने कहा कि भारतीय नौजवान परिश्रमी और प्रोफेशनल हैं। गल्फ देशों में लाखों भारतीय वर्षों से योगदान दे रहे हैं। डॉक्टर, इंजीनियर स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयां दे रहे हैं। शिक्षक विदेशी समाजों को नई दिशा दे चुके हैं।
आईटी में भारत की वर्चस्वशाली स्थिति, स्टार्टअप्स, स्पेस और डिजिटल क्रांति—ये सब युवाओं की ताकत से ही संभव हुआ। मातृभूमि के प्रति भक्ति और कर्मभूमि के प्रति समर्पण ही हमारी विरासत है। मोदी ने कैडेट्स को इसी राह पर चलने का आह्वान किया।