
गुजरात के पावन सोमनाथ मंदिर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सांस्कृतिक अटूटता और अदम्य संघर्ष की प्रेरणादायी गाथा को स्मृत किया। मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर यह आयोजन हुआ, जिसमें हज़ारों भक्तों ने शिरकत की।
पीएम मोदी ने बताया कि सोमनाथ पर 17 बार आक्रमणकारी हमलों का सामना करना पड़ा, फिर भी हर बार भक्तों ने इसे पुनः खड़ा किया। स्वतंत्र भारत में सरदार पटेल के नेतृत्व में इसका जीर्णोद्धार हुआ, जो राष्ट्र निर्माण का प्रतीक बना। ‘सोमनाथ केवल मंदिर नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता का प्राण है,’ उन्होंने कहा।
देशवासियों से विशेष अपील करते हुए मोदी जी ने कहा, ‘आइए, हम संकल्प लें कि अपनी सांस्कृतिक धरोहर को स्वाभिमान के साथ संरक्षित करेंगे। युवाओं को इसमें जोड़ें और आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा बनाएं।’ कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम, पूजा-अर्चना और प्रदर्शनियां आयोजित हुईं।
यह पर्व न केवल इतिहास की याद दिलाता है, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा भी देता है। पीएम के संदेश से देश में सांस्कृतिक जागरण का संचार हुआ है, जो हमारी पहचान को मजबूत करेगा।