
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जनवरी को ‘मन की बात’ में विश्व भर में भारतीय संस्कृति की जीवंतता को रेखांकित किया। नई दिल्ली से प्रसारित इस कार्यक्रम में उन्होंने मलेशिया के साथ भारत के गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने बताया कि दुनिया के कोने-कोने में भारत के त्योहारों का उत्साहपूर्वक आयोजन हो रहा है, जहां प्रवासी समुदाय अपनी परंपराओं को संजोए रखने में अग्रणी हैं।
मलेशिया में 500 से अधिक तमिल स्कूलों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां तमिल भाषा के साथ अन्य विषय भी तमिल माध्यम से पढ़ाए जाते हैं। तेलुगु, पंजाबी जैसी भाषाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, जो सांस्कृतिक निरंतरता का प्रतीक है।
‘मलेशिया इंडिया हेरिटेज सोसायटी’ की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह संस्था दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक पुल का काम कर रही है। इसके आयोजित हेरिटेज वॉक में साझा सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाता है, जो संबंधों को और मजबूत बनाते हैं।
बंगाल की ‘लाल पाड़ साड़ी’ का विशेष जिक्र करते हुए उन्होंने पिछले महीने हुए आइकॉनिक वॉक का वर्णन किया। इस कार्यक्रम में सबसे अधिक साड़ी पहनने का रिकॉर्ड बना, जो मलेशियाई बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ। ओडिशा के नृत्य और बाउल संगीत ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
‘मन की बात’ के माध्यम से पीएम मोदी ने सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया, जो सीमाओं से परे भारतीय विरासत को चमकाता है। यह प्रसारण प्रवासियों के योगदान को सम्मानित करने वाला एक मील का पत्थर साबित हुआ।