
‘मन की बात’ के 131वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय किसानों की प्रगतिशील सोच का जिक्र किया। वे पारंपरिक खेती के साथ नए बाजारों और आधुनिक तकनीकों को अपना रहे हैं, जिससे उनकी कमाई और पैदावार में इजाफा हो रहा है।
ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल की कहानी साझा करते हुए पीएम ने बताया कि आठ साल पहले वे अपने पिता शिव शंकर पटेल संग साधारण धान की खेती करते थे। लेकिन हिरोद ने खेत को बहु-उपयोगी बना दिया।
खेत के तालाब पर मजबूत जाली बनाकर बेल वाली सब्जियां उगाईं। तालाब के किनारे केले, अमरूद व नारियल के पेड़ लगाए और तालाब में मछली पालन शुरू किया। इस एकीकृत मॉडल से जमीन का अधिकतम उपयोग, पानी की बचत और आय में भारी वृद्धि हुई।
केरल के त्रिसूर जिले के एक खेत का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 570 धान की किस्में उगाई जा रही हैं, जिनमें स्थानीय, औषधीय व अन्य राज्यों की प्रजातियां शामिल हैं। यह बीज संरक्षण का महत्वपूर्ण कदम है।
भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक है, जहां सालाना 15 करोड़ टन से ज्यादा चावल पैदा होता है। देश न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा में योगदान दे रहा है। ऐसी कहानियां किसानों को प्रेरित करती रहेंगी।