
नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन ने सोमवार को ‘राजाजी उत्सव’ का भव्य आयोजन किया, जिसमें सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण एडविन लुटियंस की मूर्ति के स्थान पर किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस ऐतिहासिक क्षण की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उत्सव को राष्ट्र के प्रति राजाजी के योगदान को रेखांकित करने वाली शानदार पहल करार दिया।
एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट शेयर करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह उत्सव राजाजी के बहुआयामी योगदान को उजागर करता है। उन्होंने सभी से उत्सव में भाग लेने और प्रेरणा ग्रहण करने का आह्वान किया।
इससे एक दिन पहले ‘मन की बात’ में मोदी ने गुलामी के प्रतीकों को त्यागकर भारतीय संस्कृति को अपनाने की बात कही। उन्होंने पंच प्राणों में से गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पर जोर दिया। राजाजी स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल थे, जिन्होंने सत्ता को सेवा का माध्यम माना।
उनका सार्वजनिक जीवन, संयम और स्वतंत्र सोच आज भी प्रासंगिक है। पीएम ने अफसोस जताया कि आजादी के बाद भी राष्ट्रपति भवन में ब्रिटिश मूर्तियां रहीं, जबकि देशभक्तों को जगह नहीं मिली। 24 फरवरी से 1 मार्च तक चलने वाला यह प्रदर्शनी राजाजी के जीवन और आदर्शों को जीवंत करेगी, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सलाम करेगी।