
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के राष्ट्र के नाम संबोधन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए पीएम ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि यह भाषण हर भारतीय को संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
पीएम मोदी ने लिखा, ‘राष्ट्रपति का भाषण हमारे संविधान की विशेषताओं पर सटीक बल देता है और उस सामूहिक भावना की प्रशंसा करता है जिसने देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया।’ यह संदेश लोकतंत्र को सशक्त बनाने और देश के उज्ज्वल भविष्य के प्रति निष्ठा दोहराने का आह्वान है।
इससे पूर्व राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पर रोशनी डाली। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था करार दिया और युवाओं की प्रतिभा को इसका श्रेय दिया। किसानों, महिलाओं, सशस्त्र बलों समेत सभी वर्गों के योगदान की सराहना की।
महिलाओं के उल्लेखनीय योगदान पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने खेती से लेकर खेल और सेना तक उनकी सक्रियता का जिक्र किया। बेटियों द्वारा क्रिकेट विश्व कप जीतने जैसे रिकॉर्ड का उल्लेख कर महिलाओं की प्रगतिशील भूमिका रेखांकित की। ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक महत्व को याद कर राष्ट्रीय एकता पर बल दिया।
अतीत, वर्तमान और भविष्य को जोड़ते हुए राष्ट्रपति ने भारत को शीघ्र तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की संभावना व्यक्त की। यह संबोधन देश को नई ऊर्जा प्रदान करता है, जिसे पीएम मोदी की तारीफ ने और मजबूत किया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर यह एकजुटता का प्रतीक बनेगा।