
नवी मुंबई में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित भव्य समागम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के जरिए संबोधित किया। उन्होंने ‘हिंद दी चादर’ के रूप में विख्यात गुरु जी के बलिदान को याद करते हुए सभी श्रद्धालुओं को प्रणाम किया। इस पवित्र आयोजन में शामिल होना उनका सौभाग्य बताया।
भारत का गौरवशाली इतिहास शौर्य और एकता का प्रतीक है। महाराष्ट्र की पावन भूमि पर हो रहे इस कार्यक्रम से वही विरासत जीवंत हो रही है। गुरुओं के काल में जब उन्होंने सर्वस्व न्यौछावर किया, तब समाज की एकजुटता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हर समुदाय ने प्रेरणा ली और सत्य के लिए डटा रहा। गुरु गोबिंद सिंह जी के नेतृत्व वाले अनुष्ठानों ने इस एकता को मजबूत किया, जो आज भी प्रासंगिक है।
यह समागम एक सतत यात्रा का हिस्सा है, जो नागपुर से शुरू होकर नांदेड़ होते हुए नवी मुंबई पहुंचा। महाराष्ट्र के हजारों गांवों तक गुरु जी का संदेश पहुंचा, इसके लिए राज्य सरकार को बधाई।
देशभर में बड़े आयोजन हुए, जैसे कुरुक्षेत्र का भव्य कार्यक्रम। केंद्र सरकार ने गुरु साहिबान के सभी पर्व राष्ट्रीय स्तर पर मनाए—प्रकाश दिवस, स्मृति टिकट, सिक्के, वीर बाल दिवस।
करतारपुर कॉरिडोर, हेमकुंड सुविधाएं, एफसीआरए राहत, इतिहास को पाठ्यक्रम में स्थान जैसे कदम उठाए। 1984 दंगों पर एसआईटी, केस खुलवाए, सजाएं दिलाईं, मुआवजा बढ़ाया। अफगानिस्तान से ग्रंथ साहिब बचाए, शरणार्थियों को नागरिकता, सीएए राहत, जेके पुनर्वास, वीजा सरलीकरण।
सिख आस्था का सम्मान हमारी प्राथमिकता। गुरु जी के मूल्य नई पीढ़ी को दिशा देंगे। सभी को धन्यवाद, वाहेगुरु जी का खालसा।