
भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह स्वदेशी अर्ध-उच्चगतिक ट्रेन रात्रिकालीन यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली है।
नई दिल्ली के शिवाजी ब्रिज स्टेशन से शुरू हो रही इस ट्रेन का उद्घाटन वर्चुअली किया गया। चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) द्वारा निर्मित यह ट्रेन दिल्ली-वाराणसी रूट पर चलेगी, जो 780 किलोमीटर की दूरी मात्र 11.5 घंटे में तय करेगी।
पहली वंदे भारत एक्सप्रेस चेयर कार वाली होती थीं, लेकिन इसकी खासियत स्लीपर बोगी है। इसमें एसी थ्री टियर, एसी टू टियर और एसी फर्स्ट क्लास स्लीपर बर्थ उपलब्ध हैं। प्रत्येक बोगी में आधुनिक सुविधाएं जैसे ऑटोमैटिक दरवाजे, बायो-वैक्यूम शौचालय और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम हैं।
यात्रियों को प्रीमियम लिनेन, रीडिंग लाइट, हर बर्थ पर चार्जिंग पॉइंट और सीसीटीवी निगरानी मिलेगी। ट्रेन का एरोडायनामिक डिजाइन 160 किमी/घंटा की रफ्तार सुनिश्चित करता है। जर्मन सिल्वर पेंट फिनिश इसे प्रीमियम लुक देता है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ट्रेन ऊर्जा-कुशल है, जिसमें रूफ-माउंटेड एसी यूनिट और एलईडी लाइटिंग है। 820 यात्रियों की क्षमता वाली यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा की मांग पूरी करेगी।
वंदे भारत ट्रेनों का बेड़ा अब 50 से अधिक है। स्लीपर वर्जन रात्रि यात्रा की लंबे समय की मांग पूरी करता है। यह सड़क यात्रा कम कर हाईवे पर भीड़ घटाएगा। पीएम मोदी के इस कदम से भारत रेल निर्माण में आत्मनिर्भर बना है।
आईआरसीटीसी पर जल्द बुकिंग शुरू होगी। यह ट्रेन पर्यटन और व्यापार यात्रा को बढ़ावा देगी।
