
देश के युवा अब नीतिनिर्माण की मुख्यधारा का अभिन्न अंग बन चुके हैं। ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत विचारों को केंद्रीय बजट में स्थान मिलना इसका जीवंत प्रमाण है।
देश भर से चयनित लगभग 3,000 युवाओं ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम में अपनी राय रखी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में स्पष्ट रूप से इन सुझावों का उल्लेख किया, जो युवा ऊर्जा को राष्ट्रीय विकास से जोड़ते हैं।
पश्चिम बंगाल के रितम भट्टाचार्य ने बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से सुना और मंत्रियों के साथ चर्चा की। बजट घोषणा पर गर्व की अनुभूति हुई जब उनके विचारों को अमल में लाया गया।
दिल्ली की दिशा गोयल ने इसे प्रेरणास्रोत बताया। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर पीएम मोदी ने राजनीतिक दलों तक पहुंचने और पहली बार वोट डालने वालों का उत्सव जैसा स्वागत करने का सुझाव दिया।
राजस्थान के दीपक शर्मा ने युवा शक्ति को ‘डेमोक्रेटिक डिविडेंड’ बताते हुए ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ पर जोर दिया। रामायण-महाभारत आधारित वैश्विक कंटेंट और हनुमान गेम की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
चयन प्रक्रिया सघन रही—50 लाख युवाओं की क्विज से निबंध, पीपीटी और साक्षात्कार तक। उत्तराखंड से 70-75 युवा शामिल हुए। पंजाब की दीया शर्मा और गोवा के शिवांग शिरोडकर ने इसे सपनों का सच बताया।
25 जनवरी को पहली बार वोटर्स का स्वागत इसका व्यावहारिक रूप है। यह संवाद युवाओं को सशक्त बनाता है, विकसित भारत का आधार तैयार करता है।