
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गुजरात के पवित्र सोमनाथ मंदिर में श्री सोमनाथ ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक की शुरुआत उन्होंने ओमकार मंत्र के जाप से की, जो समस्त सृष्टि का प्रतीक है। यह आयोजन मोदी जी की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
बैठक में ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों और संतों ने मंदिर के विकास, संरक्षण और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की। प्रधानमंत्री ने आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ मंदिर की पवित्रता बनाए रखने पर जोर दिया। चल रहे प्रोजेक्ट्स जैसे डिजिटल दर्शन ऐप और विस्तार योजनाओं की समीक्षा की गई।
सोमनाथ मंदिर का इतिहास भारत की वीरता और पुनर्निर्माण की कहानी कहता है। स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल के नेतृत्व में इसका जीर्णोद्धार हुआ। मोदी जी का व्यक्तिगत जुड़ाव इस मंदिर को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।
ओमकार जाप से बैठक का वातावरण आध्यात्मिक हो गया। चर्चा में पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और शिक्षा कार्यक्रम शामिल रहे। ट्रस्ट ने वेदों पर शोध और युवा जागरूकता के लिए नई योजनाएं पास कीं।
यह घटना दर्शाती है कि कैसे राष्ट्रीय नेतृत्व परंपरा और प्रगति का सेतु बन सकता है। लाखों भक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत बने मोदी जी के इस कदम से सोमनाथ की महिमा और बढ़ेगी।
