
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा जिले में पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ में छारी-ढांड को रामसर साइट का दर्जा मिलने पर गहरी खुशी जताई है। इन मान्यताओं को उन्होंने जैव विविधता संरक्षण और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
सोशल मीडिया एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा, ‘एटा (यूपी) की पटना बर्ड सेंचुरी और कच्छ (गुजरात) के छारी-ढांड को रामसर साइट बनने पर हार्दिक बधाई। स्थानीय निवासियों और वेटलैंड संरक्षण के समर्थकों को शुभकामनाएं। ये कदम हमारी पर्यावरण संरक्षण की राह को मजबूत करते हैं।’
इन वेटलैंड्स में असंख्य प्रवासी एवं स्थानीय पक्षी प्रजातियां निवास करती हैं। छारी-ढांड चिंकारा, भेड़िये, कैरकल, रेगिस्तानी बिल्लियां और लोमड़ियों सहित दुर्लभ जीवों का भी आश्रय है। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने विश्व वेटलैंड्स दिवस से ठीक पहले यह घोषणा की।
उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत का रामसर नेटवर्क 2014 के 26 स्थलों से बढ़कर अब 98 हो गया है, जो 276 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। यह उपलब्धि भारत की वैश्विक पर्यावरण संरक्षण में मजबूत भूमिका को रेखांकित करती है।
ये साइट्स जल शुद्धिकरण, बाढ़ नियंत्रण और कार्बन संग्रहण में सहायक हैं। समुदायों के सहयोग से इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। भारत का यह प्रयास वैश्विक स्तर पर अनुकरणीय है।