
काशी-तमिल संगम कार्यक्रम ने एक बार फिर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत किया है। पोंगल के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। तमिलनाडु का यह प्रमुख फसल उत्सव वाराणसी की गलियों में धूमधाम से मनाया गया।
तमिल परिवारों ने पारंपरिक रूप से पोंगल पकवान बनाए, कोलम सजाए और पशुओं की पूजा की। पीएम मोदी ने वीडियो संदेश में कहा कि काशी में पोंगल मनाना हमारी साझा विरासत का प्रतीक है। यह संगम उत्तर और दक्षिण भारत के बीच पुल का काम कर रहा है।
कार्यक्रम में तमिल लोकगीत, नृत्य और काशी की शास्त्रीय संगीत की संगत ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन क्षेत्रीय भेदभाव को कम करते हैं। स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में यह पहल और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के नेता इस पहल की सराहना कर रहे हैं। पोंगल 2024 ने साबित कर दिया कि संस्कृति ही राष्ट्र निर्माण का आधार है। पीएम का संदेश लाखों दिलों को छू गया।