
कॉमनवेल्थ शिखर सम्मेलन (सीएसपीओसी) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की वैश्विक उपस्थिति को रेखांकित किया। यूपीआई के जरिए डिजिटल भुगतान क्रांति से लेकर कोरोना महामारी में वैक्सीन कूटनीति तक, मोदी ने भारत के योगदान को बखूबी बयां किया।
सामा में आयोजित इस सम्मेलन में 56 देशों के नेता मौजूद थे। मोदी ने बताया कि यूपीआई आज अरबों लेन-देन संभाल रहा है और सिंगापुर, यूएई जैसे देशों में इसकी पैठ बढ़ रही है। यह भारत की नवाचार क्षमता का प्रतीक है।
महामारी के दौरान भारत ने 100 से अधिक देशों को 20 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज भेजे। ‘वैक्सीन मैत्री’ ने भारत को विश्व गुरु के रूप में स्थापित किया।
आत्मनिर्भर भारत अभियान, जलवायु परिवर्तन और डिजिटल समावेशन पर जोर देते हुए मोदी ने सहयोग की अपील की। उनका भाषण कॉमनवेल्थ देशों के बीच मजबूत साझेदारी का आधार बनेगा।