
गुवाहाटी। असम के मंत्री पीयूष हजारिका ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि गौरव गोगोई ‘मिया’ समुदाय के समर्थन से सत्ता हासिल करने की चाल में फंस गए, लेकिन जनता ने इसे ठुकरा दिया। कांग्रेस नेता जनभावनाओं को भांपने में पूरी तरह विफल रहे।
कांग्रेस का असम में जनाधार लगातार सिकुड़ रहा है और पार्टी की पहचान मिटती जा रही है। चुनाव पूर्व अति आत्मविश्वास ने उनकी हार को सुनिश्चित कर दिया। कुछ नेताओं ने जीत का ढिंढोरा पीटा, लेकिन नतीजे उनकी सारी उम्मीदें चूर कर गए।
‘न्यू ग्रेटर असम’ जैसे नारों ने लोगों में भ्रम ही फैलाया। असम की अपनी मजबूत पहचान है, ऐसे अस्पष्ट वादे महज राजनीतिक चालें थीं, जिन्हें जनता ने नकार दिया।
कांग्रेस अब अल्पसंख्यक वोटों पर टिकी हुई है। कई सीटों पर मुस्लिम समर्थन मिला, फिर भी कुल मिलाकर हार हुई। दूसरी ओर, भाजपा में जीत का जश्न छाया है। कार्यकर्ताओं ने इसे हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व की जीत बताया।
एनडीए ने 126 में से 82 सीटें जीतकर तीसरी बार सरकार बनाने को तैयार है। कांग्रेस को 19 सीटें ही मिलीं। यह जीत विकास और स्थिरता पर जन विश्वास का प्रतीक है। सरमा सरकार अब और मजबूत फैसले लेगी।
