
महाराष्ट्र के आगामी निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस नेता नाना पटोले ने भाजपा और एआईएमआईएम पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने दोनों दलों को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए कहा कि इनमें कोई फर्क नहीं है। पटोले का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
एक सभा को संबोधित करते हुए पटोले ने कहा कि भाजपा राष्ट्रीयता की बात करती है, लेकिन वोटों के लिए विभाजनकारी राजनीति करती है। वहीं एआईएमआईएम अल्पसंख्यकों के हितों का दावा करता है, लेकिन अंततः भाजपा को ही फायदा पहुंचाता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे कांग्रेस को मौका दें, जो वास्तविक विकास लाएगी।
पटोले ने दोनों दलों पर शासन में विफलता का आरोप लगाया। भाजपा शासित और एआईएमआईएम प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों की खराब हालत, गंदगी और पानी की कमी जैसी समस्याएं एक जैसी हैं। ये चुनाव 27 महानगरपालिकाओं में सैकड़ों सीटों पर होने हैं, जहां गठबंधन और वोटों का ध्रुवीकरण तय करेगा विजेता को।
कांग्रेस के लिए ये चुनाव महाविकास अघाड़ी की वापसी का परीक्षण हैं। एआईएमआईएम की बढ़ती पैठ ने पारंपरिक वोटबैंक को बांट दिया है। पटोले का तंज विपक्षी एकता को मजबूत करने की कोशिश है। भाजपा ने इसे खारिज किया, जबकि एआईएमआईएम ने पलटवार किया।
मतदाताओं से विकास चुनने की अपील करते हुए पटोले ने कहा कि महाराष्ट्र को विभाजन नहीं, एकता चाहिए। परिणाम राज्य की राजनीति को प्रभावित करेंगे।