
पटना में अपराध की बड़ी साजिश को पटना पुलिस ने करारा जवाब दिया है। शुक्रवार को मुठभेड़ के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के प्रमुख सदस्य परमानंद यादव उर्फ नेपाली को गिरफ्तार किया गया। इसी दौरान बेउर थाना क्षेत्र से तीन अन्य सदस्य नीरज कुमार उर्फ विक्की, चंदन कुमार और शिवम आनंद को भी धर दबोचा गया।
पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) भानु प्रताप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गुरुवार सुबह मुखबिर की सूचना पर छापेमारी की गई। चारों बदमाश पटना में अपराध की योजना बना रहे थे। छापे में वे भागे, लेकिन परमानंद को एसटीएफ ने जहानाबाद मार्ग पर घेराबंदी कर पकड़ लिया। बाकी तीन स्थानीय इलाके में छिपे थे।
नीरज कुमार गैंग के वित्तीय प्रबंधन का जिम्मेदार था। परमानंद के खिलाफ बिहार-झारखंड में 20 से ज्यादा मुकदमे हैं। पुलिस को देसी रिवॉल्वर, छह जिंदा कारतूस, 40 हजार रुपये, 5110 नेपाली रुपये और नेपाल-मलेशिया वाले पासपोर्ट बरामद हुए। इससे गैंग के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का पता चला।
विशेष एजेंसियां और एसटीएफ अब गहन पूछताछ कर रही हैं। पटना में उनकी मंशा, निशाना और नेटवर्क की जांच चल रही है। तकनीकी टीम बिश्नोई से संबंध जोड़ रही है। यह कार्रवाई बिहार में संगठित अपराध पर पुलिस की सख्ती का प्रतीक है।