पटना अधिकारियों ने ‘डॉग बाबू’ के नाम पर जारी किए गए फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र पर कड़ी कार्रवाई की है। मसरूरही के राजस्व अधिकारी को निलंबित करने की सिफारिश की गई है, और आईटी सहायक को उनकी भूमिका के लिए सेवा से हटा दिया गया है। पटना के जिला मजिस्ट्रेट ने फर्जी प्रमाण पत्र की जांच के निष्कर्षों के आधार पर राजस्व अधिकारी को निलंबित करने और आईटी सहायक को हटाने की सिफारिश की, जिसने उचित सत्यापन सुनिश्चित करने में विफल रहे थे। सरकार ने मीडिया रिपोर्टों के बाद हस्तक्षेप किया। जांच से पता चला कि ऑनलाइन आवेदन में दिल्ली की एक महिला के आधार का उपयोग किया गया था और किसी और की पहचान का दुरुपयोग किया गया था। नतीजतन, राजस्व अधिकारी, आईटी मैनेजर और आवेदक के खिलाफ मसरूरही पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आवेदक द्वारा पहचान के दुरुपयोग और धोखाधड़ी की स्व-घोषणा की सक्रिय रूप से जांच कर रही है। विवादित आवासीय प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी ने सभी जिलाधिकारियों को एनआईसी के सर्विस प्लस प्लेटफॉर्म पर सत्यापन प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। सोसाइटी सिस्टम को मजबूत करने और किसी भी तरह के हेरफेर को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लागू करेगी।
M | T | W | T | F | S | S |
---|---|---|---|---|---|---|
1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 |
15 | 16 | 17 | 18 | 19 | 20 | 21 |
22 | 23 | 24 | 25 | 26 | 27 | 28 |
29 | 30 |
पटना में फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र पर कार्रवाई: निलंबन, प्राथमिकी, और AI सुधार की तैयारी
लोक शक्ति एक न्यूज़ वेबसाइट है जो आपको देश-दुनिया की ताज़ा और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करती है। हम राजनीति, समाज, और उद्योग जगत से जुड़े आम लोगों से साफ और सीधी बातें करते हैं। हमारा मकसद है आपको सही जानकारी सलाहकार बनाना।
न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें !
रोज़ाना ई-पेपर और मासिक मैगज़ीन के साथ ख़बरों से जुड़े रहें। अभी सब्सक्राइब करें!
© 2025 Lok Shakti. All Rights Reserved.