
राज्यसभा सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सीधे सवाल उठाया कि आखिर चुनाव के समय ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) क्यों सक्रिय हो जाते हैं? पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में यादव ने कहा कि यह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है और विपक्ष को दबाने की साजिश है।
यादव ने हाल के दिनों में हुई कई बड़ी छापेमारी का जिक्र किया, जो ठीक चुनाव घोषणा के बाद शुरू हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर इल्जाम लगे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। वहीं विपक्षी नेता निशाने पर हैं। ‘यह न्याय नहीं, राजनीतिक बदला है,’ उन्होंने कहा।
बिहार से स्वतंत्र सांसद पप्पू यादव ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग को भी इस पर नजर रखनी चाहिए। विपक्षी दलों ने उनके बयान का समर्थन किया है और इसे ‘एजेंसी राज’ का प्रमाण बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यादव का यह सवाल विपक्ष को एकजुट करने में मददगार साबित हो सकता है। आने वाले विधानसभा चुनावों में यह मुद्दा गरमाता नजर आ रहा है। यादव ने चेतावनी दी कि ऐसी चालें उल्टी पड़ सकती हैं और जनता सच्चाई को पहचान लेगी।
कुल मिलाकर, पप्पू यादव ने एक ऐसा सवाल खड़ा किया है जो पूरे राजनीतिक परिदृश्य को हिला सकता है। देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस पर क्या जवाब देती है।
