
राजस्थान के पाली जिले में डोडा तस्करी के आरोप में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए युवक के शव पर चला आ रहा विवाद अब थम गया है। शनिवार को प्रशासन और परिजनों के बीच बनी सहमति के बाद मोर्चरी में तनावपूर्ण माहौल सामान्य हो गया। मेडिकल बोर्ड की सख्त निगरानी में पोस्टमार्टम प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी ढंग से चलाई जा रही है।
यह पूरा मामला गुरुवार रात का है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को खबर मिली कि दो संदिग्ध वाहन डोडा पोस्त से लदे पाली आ रहे हैं। पुलिस ने फौरन छापा मारा। तस्करों ने भागने के लिए गोलीबारी शुरू कर दी। एक गाड़ी फरार हो गई, लेकिन दूसरी को घेर लिया गया। जवाबी फायरिंग में एक तस्कर को गोली लगी और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
मौके से 500 किलो डोडा पोस्त, हथियार और कारतूस जब्त हुए। मौत के बाद परिजनों ने फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते मोर्चरी पर धरना दे दिया। उन्होंने दूसरे पकड़े गए युवक से बात की मांग की। लंबी चर्चा के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम पर सहमति बनी।
देसूरी एसडीएम सिद्धार्थ सांदू और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का परीक्षण शुरू हुआ। परिजन भी वहां रहे। मोबाइल एक्स-रे से गोली नहीं मिली। अस्पताल में विस्तृत एक्स-रे हुए, फिर सीटी स्कैन कराया गया। गोली की लोकेशन मिलने पर उसे निकालकर पोस्टमार्टम पूरा होगा।
प्रक्रिया खत्म होते ही शव गांव भेजा जाएगा। पुलिस और प्रशासन ने संयम बरता, जिससे स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की उम्मीद बांधे हैं। यह घटना नशा तस्करी के खिलाफ सख्ती का उदाहरण है।