
चेन्नई। दिल्ली पुलिस द्वारा तिरुपुर में आतंकी हमले की साजिश को विफल कर आठ संदिग्धों को गिरफ्तार करने के बाद एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने रविवार को डीएमके सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अगुवाई वाली इस सरकार को तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की बदहाली का जिम्मेदार ठहराया।
फेसबुक पर जारी बयान में पलानीस्वामी ने मीडिया खबरों का जिक्र करते हुए कहा कि यह गिरफ्तारी राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में गहरी खाई को उजागर करती है। स्टालिन सरकार ने तमिलनाडु को अपराध और हिंसा का अड्डा बना दिया है, जहां हत्याएं-लूट जैसी वारदातें तो आम हो गईं, अब आतंकी षड्यंत्र तक सिर उठा रहे हैं।
2022 के कोयंबटूर कार बम विस्फोट का हवाला देते हुए उन्होंने डीएमके पर आरोप लगाया कि शुरुआत में इसे सिलेंडर फटने का हादसा बताकर आतंकी कोण को नजरअंदाज किया गया। इस रवैये से राज्य में उग्रवाद से निपटने की गंभीरता की कमी साफ झलकती है।
पलानीस्वामी ने सरकार से सवाल किया कि जब एनआईए जैसी केंद्रीय एजेंसियां बार-बार आतंकी पकड़ रही हैं, तो राज्य स्तर पर क्या कदम उठाए गए? दिल्ली पुलिस को दखल देने की नौबत क्यों आई?
उन्होंने चेताया कि अगर स्टालिन वाली डीएमके सत्ता में कायम रही, तो 1998 के कोयंबटूर धमाकों जैसी त्रासदी दोहराई जा सकती है। शांति और सुरक्षा के लिए सत्ता परिवर्तन जरूरी है। कानून व्यवस्था बहाल करने को डीएमके का अंत अनिवार्य है। यह विवाद तमिलनाडु की राजनीति को नई उछाल दे रहा है।