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पाकिस्तान की गुप्त सुरंगें: सिंध पहाड़ियों में परमाणु परीक्षण की तैयारी?

पाकिस्तान के सिंध प्रांत की पहाड़ियों में एक गुप्त परमाणु सुविधा का निर्माण हो रहा है। सिंध के नागरिक समाज समूहों और सिन्धुदेश आंदोलन के एक गठबंधन के अनुसार, पाकिस्तानी सेना दूरदराज के इलाकों में...

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Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|भारत|
November 5, 2025
पाकिस्तान की गुप्त सुरंगें: सिंध पहाड़ियों में परमाणु परीक्षण की तैयारी?
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पाकिस्तान के सिंध प्रांत की पहाड़ियों में एक गुप्त परमाणु सुविधा का निर्माण हो रहा है। सिंध के नागरिक समाज समूहों और सिन्धुदेश आंदोलन के एक गठबंधन के अनुसार, पाकिस्तानी सेना दूरदराज के इलाकों में सुरंगें और भूमिगत कक्ष बना रही है। इन कथित गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता जताई गई है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि पाकिस्तान भारत की पहुँच से दूर गुप्त परमाणु परीक्षण या सुरक्षित भंडारण स्थलों की तैयारी कर रहा हो सकता है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA), निशस्त्रीकरण मामलों के संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और मानवाधिकारों के उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) को भेजे गए एक पत्र में जमशोरो के उत्तर में, नोरेआबाद के पास, काम्बर-शाहदकोट के आसपास और मंचर झील के पश्चिम में कई भूमिगत सुरंगों और कक्ष प्रणालियों का दावा किया गया है।

यह पत्र नागरिक समाज समूह, जेय सिंध मुत्ताहिदा महज़ के अध्यक्ष शफी बुर्फत द्वारा साझा किया गया था। समूहों का आरोप है कि सुरंग स्थलों पर कड़ा सैन्य गोपनीयता बरती जा रही है। निर्माण स्थल के पास आम नागरिकों को जाने की अनुमति नहीं है, और यह कार्य तेजी से चल रहा है। वे चेतावनी देते हैं कि इन सुरंगों का उपयोग परमाणु सामग्री के भंडारण या संबंधित अभियानों के लिए किया जा सकता है। समूहों ने रेडियोधर्मी संदूषण, पर्यावरणीय क्षति और अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा तथा अप्रसार मानकों के उल्लंघन सहित गंभीर जोखिमों पर प्रकाश डाला है।

यह पत्र तत्काल अंतरराष्ट्रीय सत्यापन का आग्रह करता है। इसका उद्देश्य तनाव बढ़ाने के बजाय पारदर्शिता, नागरिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। समूह ने IAEA से यह मूल्यांकन करने का अनुरोध किया है कि क्या ये आरोप उसके सत्यापन प्रोटोकॉल के अंतर्गत आते हैं और यदि उपयुक्त हो, तो साइट पर जमीनी मूल्यांकन के लिए तकनीकी विशेषज्ञों को तैनात करे। गठबंधन ने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के सहयोग से एक स्वतंत्र और निष्पक्ष तथ्य-खोज मिशन स्थापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव से भी आग्रह किया है। उन्होंने जल स्रोतों, कृषि, जैव विविधता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए संभावित जोखिमों का मूल्यांकन करने के लिए OHCHR, UNEP और अन्य संयुक्त राष्ट्र निकायों से समानांतर मानव अधिकार और पर्यावरणीय आकलन की मांग की है। याचिका में तस्वीरों, नक्शों और गवाहों के बयानों सहित साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए सुरक्षित चैनलों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है। इसमें पाकिस्तान से खतरों या प्रतिशोध से स्रोतों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। समूहों ने स्थानीय आबादी के लिए अंतरिम सुरक्षा दिशानिर्देश और संभावित रेडियोलॉजिकल घटनाओं के लिए आकस्मिक योजनाएं भी मांगी हैं। गलत सूचना को रोकने, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आश्वस्त करने और यदि आवश्यक हो तो सुधारात्मक कार्रवाई की अनुमति देने के लिए पारदर्शी रिपोर्टिंग, जवाबदेही और सत्यापन पर जोर दिया गया है।

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