
कोलकाता। किसान के बेटे और रसायन विज्ञान के प्रख्यात प्रोफेसर महेंद्र नाथ रॉय को पद्म पुरस्कार 2026 के तहत पद्मश्री सम्मान मिला है। इस सम्मान पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार की खुलकर तारीफ की।
घोषणा के बाद अपनी भावनाएं साझा करते हुए प्रो. रॉय ने कहा, ‘यह पुरस्कार पाकर अत्यंत प्रसन्न हूं। इसके लिए माता-पिता और शिक्षकों का आभार। मैंने कभी कल्पना भी न की थी कि मुझे ऐसी ऊंचाई मिलेगी। चुपचाप किए प्रयासों को देश और सरकार ने सराहा, यही मेरे जीवन का सर्वोच्च पुरस्कार है।’
उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय में साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स व लॉ संकायों के पूर्व डीन रह चुके रॉय अलीपुरद्वार विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति भी हैं। उनके जीवन में आर्थिक तंगी, सामाजिक बाधाएं और निजी मुश्किलें रहीं, लेकिन समाजसेवा की ललक ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया।
सरकार के 45 ‘अज्ञात व अनोखे नायकों’ को सम्मानित करने के निर्णय पर प्रो. रॉय बोले, ‘यह व्यक्तिगत सम्मान मात्र नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की जीत है जो बिना प्रचार के समाज निर्माण में जुटे रहते हैं। यह प्रयास वास्तविक वीरों को आगे लाता है।’
पश्चिम बंगाल की 11 हस्तियों को इस बार पद्मश्री मिला है, जिनमें अशोक कुमार हलदर, गंभीर सिंह योनजोन, ज्योतिष देबनाथ, कुमार बोस, प्रोसेनजीत चटर्जी जैसे नाम शामिल हैं। प्रो. रॉय की कहानी संघर्ष और समर्पण की मिसाल है, जो लाखों को प्रेरित करेगी।