
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। उन्होंने दावा किया है कि पांच साल बाद न तो एकनाथ शिंदे सत्ता में रहेंगे और न ही अजित पवार। औरंगाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने महायुति गठबंधन को अवसरवादियों का गठजोड़ बताया।
‘यह गठबंधन टूटने के कगार पर है। पांच साल बाद शिंदे और अजित पवार का सत्ता से कोई नाता नहीं बचेगा,’ ओवैसी ने जोरदार स्वर में कहा। उनका यह बयान 2022 के सियासी विद्रोह के बाद बने गठबंधन की कमजोरियां उजागर करता है।
शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित गुट) के बीजेपी समर्थन से बने इस गठबंधन ने उपचुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों में सफलता तो हासिल की, लेकिन आंतरिक कलह और जन मुद्दों पर विफलता ने इसकी नींव हिला दी है। ओवैसी ने किसानों की बदहाली, बेरोजगारी और विकास के वादों पर सवाल उठाए।
महाराष्ट्र में एआईएमआईएम अपनी पैठ मजबूत कर रही है। अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में पार्टी की सक्रियता बढ़ी है। ओवैसी का यह पूर्वानुमान विपक्ष को मजबूती दे सकता है।
भविष्य की चुनावी जंग में यह बयान गेम-चेंजर साबित हो सकता है। क्या महायुति टिक पाएगी या नेतृत्व परिवर्तन होगा? समय ही जवाब देगा।