
नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव धराशायी हो गया। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने साफ कहा कि विपक्षी सांसद स्पीकर के विरुद्ध वोट डालने के मूड में ही नहीं थे।
राज्य मंत्री बिट्टू ने गृह मंत्री अमित शाह के सदनिक भाषण का हवाला देते हुए राहुल गांधी की हाजिरी पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि सदन में राहुल कितने सक्रिय रहते हैं, यह आज सबकी समझ में आ गया। अविश्वास प्रस्ताव लाने का ढोंग रचा, लेकिन वोटिंग के समय राहुल गांधी क्यों गायब हो गए?
बिट्टू के अनुसार, विपक्ष को सदन में हंगामा मचाने का बहाना चाहिए था, जिसे वे हासिल कर चुके। कोई भी विपक्षी सदस्य स्पीकर के खिलाफ मतदान न करना चाहता था। पार्टी के दबाव में वे बाध्य हुए। वोटिंग से बचने की उनकी चाल साफ दिखी। अगर वोटिंग का इरादा न था तो प्रस्ताव क्यों लाए?
प्रस्ताव गिरने के बाद अमित शाह ने राहुल की हकीकत उजागर कर दी। फेसबुक और गूगल जैसे प्लेटफॉर्म से लिए गए आंकड़ों के मुताबिक उनकी 46 प्रतिशत उपस्थिति शर्मिंदगी की निशानी है। महत्वपूर्ण सत्रों में विदेश घूमना उनकी आदत।
कांग्रेस को पारिवारिक दल बताते हुए बिट्टू ने कहा कि स्पीकर पर कीचड़ उछालना आसान, सफाई देना कठिन। विपक्षी सदस्य भी मानते हैं कि ओम बिटला निष्पक्ष हैं, उन्हें बोलने का पूरा मौका मिलता है। पार्टी व्हिप ने उन्हें मजबूर किया। कल स्पीकर गरिमापूर्ण ढंग से सदन में बोलेंगे।