
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई तेज हो गई है। ऑपरेशन त्राशी-1 के तहत भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने डोलगाम क्षेत्र में आतंकियों से दोबारा संपर्क साध लिया। शनिवार सुबह शुरू हुई गोलीबारी अभी भी जारी है, और इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया है।
बहु-स्तरीय खुफिया जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया जा रहा है। आतंकियों को भागने का कोई मौका नहीं मिल रहा। इससे पहले शुक्रवार को सुरक्षा के मद्देनजर डोलगाम सहित व्यापक क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं थीं।
यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू के उत्तर-पूर्व सोनार इलाके में हुई मुठभेड़ का हिस्सा है, जिसमें सेना का एक पैराट्रूपर शहीद हो गया था। शहीद की वीरता को सलाम करते हुए सेना ने अभियान को और तेज कर दिया।
12 दिनों तक चले सघन तलाशी अभियानों के बाद आतंकियों का पता डोलगाम में चला। सुरक्षाबल निर्धारित होकर इस खतरे को खत्म करने के लिए जुटे हैं। यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।