
उत्तर दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत विशेष निरीक्षण दल सड़कों, खाली प्लॉटों और बस्तियों में घूम-घूमकर कचरा जलाने वालों पर शिकंजा कस रहे हैं। नगर निगम ने कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज कर लिए हैं और जुर्माना भी वसूला है।
रोहिणी, पितामपुरा, शालीमार बाग जैसे इलाकों में टीमें सक्रिय रहीं। सुबह से शाम तक दबिशें दी गईं, जहां कचरे के ढेरों को आग लगाते पाए गए लोगों को तुरंत पकड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब होने के कारण यह अभियान तेज किया गया है।
दिल्ली का आसमान फिर से धुंधला हो रहा है। कचरा जलाने से निकलने वाले जहरीले धुएं से सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह PM2.5 के स्तर को तेजी से ऊंचा करता है। स्थानीय लोगों ने अभियान का स्वागत किया, लेकिन कचरा संग्रहण व्यवस्था सुधारने की मांग भी की।
उत्तर दिल्ली नगर निगम (NDMC) ने GRAP नियमों के तहत यह कदम उठाया है। आगे ड्रोन निगरानी और जन जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो सर्दियों में प्रदूषण पर काफी असर पड़ेगा।
यह अभियान न केवल सजा दे रहा है, बल्कि लोगों को जागरूक भी कर रहा है। कचरा अलग-अलग करें, जलाएं नहीं—ऐसे संदेश देकर निगम स्वच्छ दिल्ली का सपना साकार करने को प्रतिबद्ध है।
