
भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की शर्मनाक हरकत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। यूनिवर्सिटी के पवेलियन में एक प्रतिनिधि ने चीनी कंपनी यूनिट्री के रोबोटिक डॉग ‘ओरियन’ (गो2) को अपना विकसित उत्पाद बताकर पेश किया, जो वास्तव में भारत में 2-3 लाख रुपये में बिकने वाला व्यावसायिक सामान है। कम्युनिकेशंस प्रोफेसर नेहा सिंह का इंटरव्यू वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। लोगों ने इसे भारतीय एआई प्रगति पर झूठ का ठप्पा लगाया और ट्रोलिंग शुरू हो गई।
आयोजकों ने स्टॉल खाली करने का आदेश दिया, जिसे यूनिवर्सिटी ने मान लिया। प्रेस रिलीज में माफी मांगते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि को उत्पाद की उत्पत्ति की जानकारी नहीं थी और वह प्रेस से बोलने के हकदार भी नहीं थे। कैमरे पर उत्साह में गलती हो गई, लेकिन संस्थान का कोई इरादा नहीं था। हम अकादमिक ईमानदारी और पारदर्शिता के प्रति समर्पित हैं।
इधर, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट कर यूनिवर्सिटी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा कि गलगोटिया छात्रों को सिखाता है- दूसरों का काम चुराओ, पकड़े जाओ तो बहाना बनाओ, कर्मचारी को बलि का बकरा ठहराओ। शुक्र है मुझे ऐसी शिक्षा नहीं मिली। यह टिप्पणी वायरल हो गई।
यह घटना शिक्षा जगत में नैतिकता की कमी को उजागर करती है। एआई जैसे क्षेत्र में झूठे दावे देश की छवि खराब करते हैं। गलगोटिया सुधार का वादा कर रही है, लेकिन विश्वास बहाली में समय लगेगा।