
भुवनेश्वर। मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के मद्देनजर ओडिशा सरकार ने अपने प्रवासी ओडियाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। मुख्य सचिव अनु गर्ग की अगुवाई में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री मोहन चरन माझी के निर्देशानुसार तैयारियां परखी गईं और तत्काल कदम उठाने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को स्थिति पर सतर्क निगरानी रखने और जरूरी कार्रवाई के लिए हमेशा मुस्तैद रहने का आदेश दिया। विदेश मंत्रालय द्वारा शुरू की गई 24×7 हेल्पलाइन (800-46342) और व्हाटएप नंबर (+971 543090571) का व्यापक प्रचार किया जा रहा है।
ओडिशा सरकार ने ओडिशा परिवार निदेशालय, गृह विभाग, श्रम निदेशालय और प्रवासी संरक्षक कार्यालय के सहयोग से एक विशेष कार्यदल गठित किया है। ओडिया भाषा साहित्य एवं संस्कृति विभाग को प्रवासी समुदाय का मुख्य संपर्क केंद्र बनाया गया।
पुलिस महानिदेशक वाईबी खुरानिया ने बताया कि सोशल मीडिया पर कड़ी नजर है और अफवाहों पर तुरंत कार्रवाई हो रही। स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही।
बैठक में गृह विभाग के एसीएस हेमंत शर्मा, खुफिया निदेशक आरपी कोचे, ओएलएलसी विभाग के सचिव डॉ. विजय केतन उपाध्याय और श्रम आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी शामिल हुए।
गल्फ देशों में हजारों ओडिया मजदूरों की सुरक्षा ओडिशा के लिए प्राथमिकता है। राज्य सरकार केंद्र से समन्वय बनाए रखेगी और आवश्यकता पड़ने पर निकासी की व्यवस्था करेगी। परिवारों से अपील है कि आधिकारिक चैनलों का ही सहारा लें।