
ओडिशा में बढ़ती ट्रैफिक समस्याओं से निपटने के लिए राज्य सरकार एक महत्वाकांक्षी प्लान्ड रूट कॉरिडोर विकसित करने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते वाहनों और शहरीकरण के बीच सड़कों को व्यवस्थित करना जरूरी हो गया है।
ट्रांसपोर्ट अधिकारियों के साथ बैठक में सीएम माझी ने बताया कि यह कॉरिडोर विभिन्न प्रकार के वाहनों के लिए समर्पित लेन, स्मार्ट सिग्नल और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग से लैस होगा। भुवनेश्वर, कटक और राउरकेला जैसे शहरों में शुरुआती चरण लागू होंगे, जहां जाम की समस्या सबसे गंभीर है।
परियोजना में एआई आधारित ट्रैफिक पूर्वानुमान और ड्रोन निगरानी जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं। इससे यात्रा समय 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है और दुर्घटनाएं घटर सकती हैं। राज्य बजट और केंद्र की योजनाओं से फंडिंग होगी, साथ ही पीपीपी मॉडल से तेजी आएगी।
सीएम माझी ने आश्वासन दिया कि अगले तिमाही से पायलट कॉरिडोर शुरू हो जाएंगे। यह कदम ओडिशा को बुनियादी ढांचे में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा योगदान देगा, जिससे यातायात सुगम होगा और अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।