
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा का महत्वपूर्ण बजट सत्र 17 फरवरी से प्रारंभ हो रहा है। राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति के अभिभाषण से सत्र की औपचारिक शुरुआत होगी। यह 17वीं विधानसभा का छठा सत्र है, जो 8 अप्रैल तक चलेगा और इसमें कुल 28 कार्य दिवस शामिल हैं।
सत्र दो चरणों में आयोजित होगा, जहां राज्य की आर्थिक नीतियों, विकास परियोजनाओं और राजनीतिक विवादों पर गहन चर्चा होगी। 17 से 19 फरवरी तक राज्यपाल के संबोधन पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस चलेगी। उसके बाद 20 फरवरी को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
वित्त विभाग का जिम्मा संभाल रहे माझी का यह बजट आर्थिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से अहम है। 31 मार्च को विनियोग विधेयक पेश होगा, जिस पर विस्तृत विमर्श होगा। पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण-शहरी योजनाओं की घोषणाएं संभावित हैं।
सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी बीजद व कांग्रेस के बीच धान खरीद, महिलाओं पर अपराध, पीयूसी घोटाले तथा स्मार्ट मीटर विवाद जैसे मुद्दों पर तीखी नोकझोंक होगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के 27 नवंबर 2025 के ऐतिहासिक संबोधन के बाद यह सत्र और भी महत्वपूर्ण हो गया है। राज्य की दिशा तय करने वाले इस सत्र पर सभी की नजरें टिकी हैं।