
नोएडा: बढ़ती नागरिक समस्याओं के बीच नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु महेश्वरी ने बुधवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। जल प्रदूषण के अलावा विभिन्न सेवाओं पर कड़े निर्देश जारी करते हुए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सेवा वितरण में तेजी लाने पर जोर दिया। विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में शरीक हुए, जहां शहरी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
जल प्रदूषण को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए सीईओ ने सेक्टर 62 और फेज-3 के औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी पर अंकुश लगाने के आदेश दिए। ‘प्रदूषण फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, उपचार संयंत्र लगवाएं वरना कारखाने बंद,’ उन्होंने साफ कहा। निगरानी टीमों को साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
बिजली आपूर्ति, कचरा प्रबंधन और सड़क सुधार जैसे क्षेत्रों पर भी फोकस रहा। रिहायशी इलाकों में 24 घंटे बिजली सुनिश्चित करने, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स को गति देने के निर्देश जारी हुए। किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
यह कदम नोएडा को सतत विकास की दिशा में ले जाने वाला है। निवासियों ने इसे सकारात्मक बताया। द्वि-साप्ताहिक फॉलो-अप बैठकें आयोजित होंगी, जिससे सेवाओं में सुधार की उम्मीद है।