
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक हलचल मचा दी है। उन्होंने नई सरकार को पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन का भरोसा दिलाया। इस फैसले पर कांग्रेस ने इसे जनता के जनादेश के साथ घोर विश्वासघात करार दिया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, ‘बिहार चुनाव में कांग्रेस की चेतावनी सच साबित हुई। जी2 की साजिश से बिहार में तख्तापलट हो गया। कई मायनों में यह जनादेश का बड़ा धोखा है।’ उनका बयान विपक्ष की निराशा को उजागर करता है।
आरजेडी प्रवक्ता कंचना यादव ने भाजपा पर जदयू में दलालों को बिठाने और अब सीएम पद बेचने का आरोप लगाया। पूर्णिया के स्वतंत्र सांसद पप्पू यादव ने विपक्षी नेताओं से एकजुट होकर निशांत कुमार को बिना शर्त सीएम बनाने की अपील की, ताकि बिहार भाजपा का चरागाह न बने।
नीतीश कुमार 21 वर्षों से बिहार के सीएम हैं और 2025 में दसवीं बार शपथ ले चुके हैं। एक्स पर उन्होंने कहा, ‘संसदीय जीवन से ही बिहार विधानमंडल और संसद दोनों सदनों में सदस्य बनने की इच्छा थी। अब राज्यसभा का चुनाव लड़ूंगा।’
यह बदलाव बिहार की सत्ता संतुलन को प्रभावित कर सकता है। नीतीश का मार्गदर्शन नई सरकार के लिए चुनौती बनेगा, जबकि विपक्ष इसे महागठबंधन के जनादेश पर चोट बता रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिन निर्णायक होंगे।