
पटना के सियासी गलियारों में हंगामा मच गया है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता शक्ति यादव ने दावा किया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी मर्जी से राज्यसभा का रास्ता नहीं चुना। बल्कि केंद्र और भाजपा ने उन पर भारी दबाव डालकर यह फैसला करवाया। एक घंटे की गुप्त बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया, जिसमें सीएम का मन भारी था।
गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नीतीश ने नामांकन दाखिल किया। इससे ठीक पहले उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि बिहार से राज्यसभा जाने का फैसला उनका अपना है। लेकिन विपक्ष इसे केंद्रीय साजिश बता रहा है।
शक्ति यादव ने कहा, ‘नीतीश जी के स्वास्थ्य की हम कामना करते हैं, लेकिन यह उनका निर्णय नहीं। भाजपा ने जबरन उन्हें राज्यसभा भेजा।’ उन्होंने हड़बड़ी पर सवाल उठाए। विधानसभा चुनाव में जनता ने नीतीश के नाम पर वोट दिया था। एनडीए ने उनका चेहरा बनाया था। अब जदयू में भारी गुस्सा है।
2025 चुनाव के नारे ’25 से 30, फिर से नीतीश’ की याद दिलाते हुए यादव बोले, बीच में ही नीतीश को क्यों खत्म किया? तेजस्वी यादव की भविष्यवाणी सच हो गई। जदयू में खौफ का माहौल है। नेता डरे हुए हैं, कार्यकर्ता गुस्से में। पार्टी का बंटवारा नजदीक लग रहा है। बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं।