
पटना। बिहार विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के बीच जोरदार नोकझोंक हुई। राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार का पक्ष रखते हुए नीतीश ने तेजस्वी को फटकार लगाई, ‘बैठो न, चुपचाप सुनो।’ सदन में हंसी की फहलन हो गई।
तेजस्वी के बीच में बोलने की कोशिश पर नीतीश ने कहा, ‘सब कुछ हमने तय किया था। बनाया भी, लेकिन फिर इधर-उधर होने लगा। छह और लोगों को खींचने के लिए पैसा कहां? गड़बड़ी हुई तो छोड़ दिया।’ विधायकों ने हंसते हुए तालियां बजाईं।
नीतीश ने राजद शासन पर हमला बोला। 2005 से पहले बिहार में अंधेरा छा जाता था। स्कूल, अस्पताल, सड़कें सब जर्जर। एनडीए आने के बाद शांति और विकास की लहर दौड़ी। कब्रिस्तान-मंदिरों की घेराबंदी, गांवों को पक्की सड़कें, हर घर जल-शौचालय, 125 यूनिट मुफ्त बिजली।
सात निश्चय से एक करोड़ युवाओं को नौकरी का वादा। मेडिकल कॉलेज 6 से 12, 27 नए बन रहे। प्राथमिक केंद्रों पर हर माह 11,600 मरीज। पटना एमसीएच को 5400 बेड का बनाएंगे। महिलाओं को 10 हजार, आगे 2 लाख रुपये। हर जिले में औद्योगिक क्षेत्र।
‘बिहार तेजी से विकसित हो रहा है। पांच साल में शीर्ष राज्यों में शामिल होंगे। केंद्र का पूरा साथ मिलेगा।’ नीतीश का यह संबोधन विकास और राजनीति का आईना था।