
भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और कपास किसानों से जुड़े मुद्दों पर झूठ फैलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें सार्वजनिक बहस के लिए ललकारा है।
दुबे ने राहुल के सोशल मीडिया वीडियो का जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा भारतीय कपड़ों पर 18 प्रतिशत शुल्क लगाने और बांग्लादेश को शून्य शुल्क देने के दावे भ्रामक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कपड़ा उद्योग के लिए अमेरिकी कपास आयात अनिवार्य है और इसके बिना निर्यात प्रभावित होगा।
देश में कपास उत्पादन की कुल मात्रा, आयात की आवश्यकता और किसानों की वास्तविक स्थिति पर तथ्यपरक चर्चा की मांग उठाई दुबे ने। उन्होंने कपड़ा मिलों की आर्थिक चुनौतियों और घरेलू उत्पादन-अन्य स्रोतों के संतुलन पर भी प्रकाश डाला।
इसके अलावा, दुबे ने राहुल की राजनीतिक गतिविधियों और विदेशी ताकतों जैसे जॉर्ज सोरोस से कथित संबंधों पर सवाल उठाए। नक्सली आंदोलनों से जुड़े इन बिंदुओं की जांच जरूरी बताई।
यह चुनौती संसदीय तनाव के बीच आई है, जहां दुबे ने हाल ही राहुल को अयोग्य ठहराने की मांग की थी। 1978 के इंदिरा गांधी मामले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि तथ्यों पर बहस ही सच्चाई सामने लाएगी।
किसान मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी के दौर में दुबे का यह कदम भाजपा की आक्रामक रणनीति को दर्शाता है। क्या राहुल स्वीकार करेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।