
मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया में सफलता पाना आसान नहीं, लेकिन निम्रत कौर ने इसे हकीकत बना दिखाया। राजस्थान के एक छोटे से गांव में 13 मार्च को जन्मीं निम्रत आर्मी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। मात्र 12 साल की उम्र में कश्मीर में पिता मेजर भूपिंदर सिंह की क्रूर हत्या ने उनके जीवन को बदल दिया। परिवार नोएडा शिफ्ट हो गया, जहां उन्होंने पढ़ाई पूरी की और बॉलीवुड का सपना संजोया।
मुंबई पहुंचकर थिएटर से करियर शुरू किया। आर्थिक तंगी में प्रिंट मॉडलिंग की, लेकिन ऑडिशन में 85-90 बार निराशा हाथ लगी। रंग-रूप, कद-काठी पर सवाल उठे, पर हिम्मत नहीं हारी। 2004 में ‘तेरा मेरा प्यार’ और ‘ये क्या हुआ’ जैसे गानों से डेब्यू हुआ। अनुराग कश्यप ने ‘पेडलर्स’ में मौका दिया, लेकिन ‘द लंचबॉक्स’ ने स्टारडम दिलाया।
‘होमलैंड’ से हॉलीवुड में कदम रखा। अब ‘द फैमिली मैन’, ‘एयरलिफ्ट’, ‘स्काईफोर्स’ और ‘दसवीं’ जैसी हिट्स से दर्शकों का दिल जीत रही हैं। निम्रत की कहानी संघर्ष और जीत की मिसाल है, जो हर स्ट्रगलर को प्रेरित करती है।