
आंध्र प्रदेश में 2025 के विस्फोटक बरामदगी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मुख्य आरोपी शेख अमानुल्लाह उर्फ अबू बकर सिद्दीकी के खिलाफ विशेष एनआईए कोर्ट, विजयवाड़ा में शुक्रवार को विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी। यह कदम आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है, क्योंकि आरोपी दशकों से फरार था और उसके पास बड़े हमलों की तैयारी के सामान मौजूद थे।
रायचोटी के उसके ठिकाने से भारी मात्रा में विस्फोटक, आईईडी के पुर्जे, हथियार, आतंकी प्रचार सामग्री और जाली दस्तावेज जब्त हुए। जांच में सामने आया कि वह युवाओं को कट्टर बनाने, भर्ती करने, आईईडी बनाने का प्रशिक्षण देने और निशाने चुनने में जुटा था। चार्जशीट में यूएपीए, बीएनएस, विस्फोटक अधिनियम 1908 तथा आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।
सिद्दीकी 1999 से फरार था और तमिलनाडु में 14 आपराधिक मामलों का आरोपी था, जिनमें 1995 का पार्सल बम, 1999 के तीन शहरों में बम धमाके, ट्रेन में विस्फोटक ढोना, 30 वर्षों तक फरार आतंकियों को पनाह, 2011 में नेता की रथ यात्रा पर बम लगाने का प्रयास तथा 2012-13 में राजनीतिक हत्याएं शामिल हैं। वह प्रतिबंधित अल उम्माह संगठन से जुड़ा था।
तमिलनाडु पुलिस ने 1 जुलाई 2025 को उसे पकड़ा, फिर आंध्र पुलिस ने अगस्त में विस्फोटक मामले में गिरफ्तार किया। एनआईए ने जांच संभालकर आरसी-17/2025/एनआईए/डीएलआई रजिस्टर किया। यह सफलता सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय का परिणाम है।
एनआईए अन्य सहयोगियों की तलाश जारी रखे हुए है। यह घटना छिपे आतंकियों के खिलाफ सतत सजगता की मिसाल है, जो देश की सुरक्षा को मजबूत बनाती है।
